अब उसे कहने की जरूरत न रही कि आ बैल मुझे मार। अब उसे कहने की जरूरत न रही कि आ बैल मुझे मार।
ना दो मगर कोई बिन मांगी सलाह उधार। ना दो मगर कोई बिन मांगी सलाह उधार।
कभी तरस नहीं आता था जब कोई गृह कार्य नहीं बनाता था कभी तरस नहीं आता था जब कोई गृह कार्य नहीं बनाता था
माँ की कोख से नन्ही सी कली की आई पुकार मैं हूं तेरा अंश,माँ मुझे मत मार। लेकर फैसला माँ की कोख से नन्ही सी कली की आई पुकार मैं हूं तेरा अंश,माँ मुझे मत मार। ...
तेज गाड़ियों की रफ्तार से पिसे हुए, दबे हुए, क्षत विक्षत तेज गाड़ियों की रफ्तार से पिसे हुए, दबे हुए, क्षत विक्षत